पिछले 2 साल कानूनी लड़ाई में बर्बाद हो गए, मैं किसी क्लब का… लगातार दूसरी बार अध्यक्ष बनने पर दिग्गज क्रिकेटर की नजर


हाइलाइट्स

15 सितंबर को एचसीए की चुनाव होने की उम्मीद है
HCA को देश के सबसे भ्रष्ट क्रिकेट संघों में से एक माना जाता है

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) ने हैदराबाद क्रिकेट संघ (एचसीए) में अध्यक्ष पद के लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने की घोषणा की है. एचसीए के उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासक न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एल नागेश्वर राव द्वारा हितों के टकराव के कारण 57 क्लबों को एचसीए चुनावों में चुनाव लड़ने या मतदान करने से रोक लगाने के एक दिन बाद अजहरुद्दीन ने एक और कार्यकाल के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की. अगले महीने चुनाव होने की संभावना है. एचसीए को देश के सबसे भ्रष्ट क्रिकेट संघों में से एक माना जाता है.

अजहरुद्दीन को 2019 में एचसीए अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, लेकिन उनका कार्यकाल इस साल की शुरुआत में राव की नियुक्ति के साथ समाप्त हुआ था. एचसीए का शीर्ष परिषद का कामकाज भी अंदरूनी कलह और अदालती मामलों से प्रभावित हुआ. अजहरुद्दीन ने वादा किया कि अगर वह पद पर दोबारा काबिज होते हैं तो एचसीए को भ्रष्टाचार की छाया से बाहर निकालने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं चुनाव लड़ूंगा जो 15 सितंबर तक होने की उम्मीद है. मुझे बहुत खुशी है कि ऐसा हुआ है (क्लबों पर रोक) क्योंकि पिछले 14 वर्षों से यही स्थिति बनी हुई थी. संघ को (क्लब सांठगांठ के कारण) काम करने की अनुमति नहीं दी जा रही थी. अब इसमें काफी सुधार होगा. मैं किसी क्लब का मालिक नहीं हूं. एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के तौर पर मुझे चुनाव लड़ने की अनुमति है.’

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वर्ल्ड कप के 3 मैचों के अलावा 2 प्रैक्टिस मैचों की मेजबानी सौंपी गई है
एचसीए को भारत में होने वाले एकदिवसीय विश्व कप के तीन मैचों के अलावा दो अभ्यास मैचों की मेजबानी सौंपी गई है. अजहरुद्दीन का मुख्य ध्यान एचसीए को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाना होगा जिससे बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड ) से फंडिंग पर अधिक निर्भर नहीं रहना होगा. उन्होंने कहा, ‘सबसे बड़ी चुनौती खेल को बेहतर बनाना, सुविधाओं में सुधार करना है. हमें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने की जरूरत है. अन्य संघों के पास काफी फंड हैं. हैदराबाद को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा है और उसे बीसीसीआई पर निर्भर रहना पड़ा है.’

‘मेरे कार्यकाल के 2 साल कानूनी लड़ाई में बर्बाद गए’
60 साल के पूर्व खिलाड़ी ने कहा, ‘हम स्थानीय लीग मैचों के लिए मैदान किराए पर लेने पर लाखों रुपये खर्च करते हैं और कभी-कभी वे मैदान मानक के अनुरूप नहीं होते हैं. जब सुविधाएं अच्छी नहीं होंगी तो क्रिकेट का स्तर भी नीचे जाएगा.’ उन्होंने कहा कि एसचीए में भ्रष्टाचार केवल प्रशासनिक स्तर तक ही सीमित नहीं है, यह चयन के मामलों में भी व्याप्त है. उन्होंने कहा, ‘जब एचसीए खेल में सुधार के लिए काम करेगा तो यह सब खत्म हो जाएगा. मेरे पिछले कार्यकाल के दो साल कानूनी लड़ाई में बर्बाद हो गए. कई तरह की समस्याओं के बावजूद मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया. यह बिल्कुल स्पष्ट है कि मैदान पर हमारा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा.’

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